Varanasi News: ज्ञानवापी के बाद अब बिंदु माधव में नमाज पर रोक लगाने की मांग, कोर्ट पहुंचा मामला

By | June 1, 2022


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 01 Jun 2022 12:44 PM IST

ख़बर सुनें

वाराणसी में ज्ञानवापी के बाद एक और स्थान पर को लेकर कुछ लोगों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव में नमाज पर रोक लगाने की याचिका सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में दी गई है। 

गायघाट निवासी अतुल सहित पांच लोगों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट में पंचगंगा घाट स्थित धरहरा मस्जिद को लेकर वाद दाखिल किया है। इस मुकदमे में सादिक अली, जमाल और मुन्ना को प्रतिवादी बनाया गया है। वादी पक्ष का कहना है कि पंचगंगा घाट पर बिंदु माधव के नाम से विष्णु जी का मंदिर था।

चार जुलाई को होगी सुनवाई
औरंगजेब ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर पर आक्रमण के दौरान बिंदु माधव मंदिर पर हमला कर उसे भी नष्ट कर दिया था। अब वहां अनधिकृत रूप से नमाज अदा की जाती है। वहां नमाज सहित प्रतिवादियों के अन्य क्रियाकलाप पर प्रतिबंध लगाया जाए। अदालत ने इसे प्रकीर्ण वाद के तौर पर दर्ज करते हुए सुनवाई की अगली तिथि चार जुलाई नियत की है।
पढ़ेंः  सर्वे रिपोर्ट का सीलबंद लिफाफा लौटाने कोर्ट पहुंचा हिंदू पक्ष, अदालत ने लौटाया

हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के खिलाफ चौक थाने में रजिस्टर्ड पत्र भेज कर शिकायत की है। विष्णु गुप्ता का आरोप है कि ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग को अपवित्र किया गया। हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत की गईं। इसलिए मसाजिद कमेटी के सभी लोगों के खिलाफ पुलिस दंडात्मक कार्रवाई करे।

ज्ञानवापी में हिंदू देवी-देवताओं के प्रतीक व चिन्ह सुरक्षित करने की मांग
सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में विश्व हिंदू महासमिति के अध्यक्ष अभिषेक शर्मा की तरफ से वाद दाखिल कर ज्ञानवापी में हिन्दू देवी देवताओं के चिन्हों और प्रतीकों व अभिलेखों की सुरक्षा की मांग की गई है। यह वाद अधिवक्ता शिवकुमार सिंह व सत्यप्रकाश सिंह आदि ने दाखिल की है। अदालत ने इस वाद पर सुनवाई के लिए 11 जुलाई की तिथि नियत की है।

अपर सत्र न्यायाधीश 16वां शिखा श्रीवास्तव की अदालत ने ज्ञानवापी  सर्वे के दौरान विरोध प्रदर्शन में जेल भेजे गए आरोपी मो अब्दुल सलाम की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। आरोपी के अधिवक्ता अजय गेठा के मुताबिक सात मई को अदालत के आदेश पर कोर्ट कमिश्नर और उनकी टीम ज्ञानवापी और श्रृंगार गौरी की कमीशन कार्यवाही में गए थे।

वहा पर एक वर्ग के लोगों ने  विरोध किया था, इसमें एक आरोपी लल्लापुरा सिगरा निवासी मो अब्दुल सलाम को  पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। मंगलवार को उसकी जमानत अर्जी मंजूर हो गई।

विस्तार

वाराणसी में ज्ञानवापी के बाद एक और स्थान पर को लेकर कुछ लोगों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव में नमाज पर रोक लगाने की याचिका सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में दी गई है। 

गायघाट निवासी अतुल सहित पांच लोगों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट में पंचगंगा घाट स्थित धरहरा मस्जिद को लेकर वाद दाखिल किया है। इस मुकदमे में सादिक अली, जमाल और मुन्ना को प्रतिवादी बनाया गया है। वादी पक्ष का कहना है कि पंचगंगा घाट पर बिंदु माधव के नाम से विष्णु जी का मंदिर था।

चार जुलाई को होगी सुनवाई

औरंगजेब ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर पर आक्रमण के दौरान बिंदु माधव मंदिर पर हमला कर उसे भी नष्ट कर दिया था। अब वहां अनधिकृत रूप से नमाज अदा की जाती है। वहां नमाज सहित प्रतिवादियों के अन्य क्रियाकलाप पर प्रतिबंध लगाया जाए। अदालत ने इसे प्रकीर्ण वाद के तौर पर दर्ज करते हुए सुनवाई की अगली तिथि चार जुलाई नियत की है।

पढ़ेंः  सर्वे रिपोर्ट का सीलबंद लिफाफा लौटाने कोर्ट पहुंचा हिंदू पक्ष, अदालत ने लौटाया



Source link