Ujjain : राष्ट्रपति कोविंद आज आएंगे उज्जैन, 1700 पुलिसकर्मियों की लगी ड्यूटी, महाकाल मंदिर सहित पूरा शहर सजाया

By | May 29, 2022


भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 29 मई को उज्जैन आएंगे। वे यहां महाकालेश्वर के दर्शन करेंगे। कालिदास अकादमी के संकुल में होने वाले आयुर्वेद के महाअधिवेशन में शामिल होंगे। उनके आगमन की तैयारियां युद्धस्तर पर की गई हैं। पूरे शहर को सजाया गया है और महाकाल मंदिर में भी सजावट की गई है। गर्भगृह को मोगरे के फूलों से सजाया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक 29 मई को सुबह 10 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उज्जैन पहुंचेंगे। वे कालिदास अकादमी में अखिल भारतीय आयुर्वेद सम्मेलन में शामिल होंगे। करीब डेढ़ घंटे वहां रूकेंगे, इसके बाद भगवान महाकाल के दर्शन के लिए जाएंगे। यह जानकारी भी मिली है कि राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी भी रहेंगी। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, आयुष मंत्री भारत सरकार सर्वानंद सोनवाल, आयुष मंत्री मध्य प्रदेश शासन रामकिशोर कावरे, उज्जैन के सांसद विधायक एवं जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर अधिकारियों द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।

मंदिर परिसर तक जाएंगी कारकेड की गाड़ियां

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के उज्जैन आने से पहले उनकी सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार को पुलिस प्रशासन ने रिहर्सल की। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए 1700 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। महाकाल मंदिर की साज सज्जा के साथ ही शहर को भी सजाया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहली बार उज्जैन आ रहे हैं। उनके महाकाल मंदिर दर्शन के दौरान कोई असुविधा न हो इसका भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है।

राष्ट्रपति के कारकेड में तीन गाड़ियां एक जैसी होंगी और तीनों ही गाड़ियां मंदिर परिसर के जूना महाकाल तक जाएंगी। एसपी सत्येंद्र शुक्ल ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन के लिए सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है। राष्ट्रपति के आने जाने के करीब 3 किमी के रूट को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं अन्य विभागों के करीब 1700 से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारी को तैनात किया गया है। राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से होटलों व धर्मशालाओं की चेकिंग भी की है।

मंदिर के साथ ही शहर को भी सजाया

राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे शहर को सजाया गया है। जहां से राष्ट्रपति निकलेंगे उस रोड को दोबारा बनाया गया है। साथ ही, रोड साइड के पेड़ों पर सुन्दर पेंटिंग कर उस पर सजावट की गई है। पुलिस लाइन स्थित हवाई पट्टी के आसपास करीब एक दर्जन से अधिक पेड़ों को काट दिया गया। महाकाल मंदिर के नंदी हॉल के पास छत पर खूबसूरत लाइटिंग की गई है। मंदिर को भी चारों ओर से सजाया गया है। कोटि तीर्थ कुंड को साफ किया गया है। राष्ट्रपति की सुरक्षा में सबसे बड़ी जिम्मेदारी बम निरोधक दस्ते की है। उज्जैन शहर के साथ ही अन्य शहरों से भी चार टीम उज्जैन पहुंची हैं जिसमें भोपाल, जबलपुर, सतना और मुरैना से आया बम निरोधक दस्ता भी शामिल है।

ड्यूटी में लगने वालों का कोरोना टेस्ट अनिवार्य

राष्ट्रपति के कार्यक्रम की ड्यूटी में लगने से पहले सभी 1700 के लगभग अधिकारी व कर्मचारियों को कोरोना टेस्ट कराना जरूरी है। कोरोना टेस्ट के लिए आरटीपीसीआर के नोडल अधिकारी ने  बताया कि गुरुवार को अधिकतर कर्मचारी और अधिकारियों की जांच हो चुकी थी। सभी की रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव पाई गई है। 

प्रोटोकॉल के अनुसार रहेगी व्यवस्था

राष्ट्रपति के महाकाल दर्शन की व्यवस्था को लेकर भोपाल और उज्जैन के अधिकारी जुटे हुए हैं। राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के अनुसार सारी व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के निर्माल्य गेट से केवल तीन वाहन अंदर मंदिर परिसर में जाएंगे। राष्ट्रपति मंदिर में स्थित महानिर्वाणी अखाड़े के कक्ष में धोती सोला पहनकर गर्भगृह में पूजन के लिए पहुंचेंगे। अखाड़े में भी प्रोटोकॉल के अनुसार एक कक्ष को सजाया गया है। मंदिर तक राष्ट्रपति के कारकेड को लाने की रिहर्सल हो चुकी है।

शनिवार को भी फाइनल रिहर्सल हुई। मंदिर के म्यूजियम के पास वाहन से उतरकर राष्ट्रपति म्यूजियम के पीछे स्थित श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े में आएंगे। यहां पर राष्ट्रपति सोला धारण कर मंदिर के गर्भगृह में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचेंगे। राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए महाकाल मंदिर स्थित महानिर्वाणी अखाड़ा में महामहिम के आगमन के दौरान अखाड़े में कितने सदस्य रहेंगे। यह प्रशासन के अधिकारी तय करेंगे।

महानिर्वाणी अखाड़े में राष्ट्रपति कुछ देर के लिए पहुंचेंगे। लिहाजा अखाड़े के एक कक्ष को महामहिम के प्रोटोकॉल के अनुसार सजाया-संवारा गया है। अखाड़े में राष्ट्रपति के बैठने के लिए नया सोफा भी तैयार कराया गया है। वहीं अखाड़े के बाहर लगे पेड़ों पर भगवान शिव और ओम, त्रिशूल, डमरू की आकृति पेंट के माध्यम से बनवाई गई है। राष्ट्रपति के गर्भगृह में जाने वाले मार्ग पर लाल कारपेट बिछाई जाएगी।

मोगरे के फूलों की लड़ियों से सजेगा गर्भगृह

राष्ट्रपति के आगमन पर महाकाल मंदिर के गर्भगृह को मोगरे के फूलों की लड़ियों से सजाया जाएगा। नंदी मंडपम् व प्रवेश द्वार पर भी आकर्षक सज्जा की है। जिस मार्ग से राष्ट्रपति मंदिर में प्रवेश करेंगे, उस मार्ग से परिसर तक रेड व ग्रीन कारपेट बिछाया है। मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया कि राष्ट्रपति जिस समय गर्भगृह व नंदी मंडपम में रहेंगे, उस समय भी आम दर्शनार्थियों को कार्तिकेय मंडपम से निर्बाध दर्शन कराए जाने पर विचार किया है।

राष्ट्रपति की दर्शन व्यवस्था में चुनिंदा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। मंदिर समिति ने पूजन कराने वाले पुजारी, पुरोहित तथा कर्मचारियों का आरटीपीसीआर टेस्ट करा लिया है। राष्ट्रपति व उनके परिवार के सदस्यों के लिए मंदिर में एक ग्रीन रूम तैयार किया है। राष्ट्रपति के आगमन से पहले कक्ष को सैनेटाइज किया जाएगा। संपूर्ण व्यवस्था राष्ट्रपति भवन के कर्मचारियों के हाथों में रहेगी, अन्य कोई भी व्यक्ति इसमें प्रवेश नहीं कर सकेगा। इस कक्ष में अतिविशिष्ट मेहमान के सदस्यों के बैठने, हाथ धोने तथा सुखाने के भी समुचित इंतजाम रहेंगे।

राष्ट्रपति द्वारा पूजन कराने वाले पुजारी को एन 95 मास्क लगाना अनिवार्य रहेगा। नंदी मंडपम् में राष्ट्रपति व परिवार के सदस्यों के लिए बैठने के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। मंदिर समिति ने कोटितीर्थ कुंड की सफाई करा दी है। कुंड के आसपास रंगरोगन तथा साज-सजावट की गई है। गर्भगृह में रजत मंडित दीवार, रुद्रयंत्र तथा चांदी के द्वार की सफाई व पालिश का काम भी पूरा हो गया है। निर्गम द्वार के समीप स्थित म्यूजियम को भी आकर्षक रूप प्रदान किया गया है। परिसर स्थित मंदिरों के शिखर पर भी रंग-रोगन किया गया है।

रिहर्सल से परेशान हुए विद्यार्थी

राष्ट्रपति के आगमन और उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने शनिवार को फाइनल रिहर्सल की। इस दौरान 10:30 बजे से शुरू होने वाली रिहर्सल के लिए सर्किट हाउस देवास रोड महानंदा नगर की ओर से सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया। इसके कारण सीबीएसई की कक्षा 12वीं कक्षा की परीक्षा देने जा रहे छात्र-छात्राओं को देवास रोड पर रोक दिया गया, जबकि उनका पेपर 10:30 से शुरू होने वाला था। कलेक्टर की दखल के बाद उन्हें 11 बजे छोड़ा गया। तब तक परीक्षा का समय आधे घंटे निकल चुका था।



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