Torture in Madarsa : गैर कानूनी तरीके से चल रहे मदरसे में सख्ती के नाम पर किशोरों के पैरों में डालीं बेड़ियां, जड़े ताले

By | May 28, 2022


सार

गोसाईंगंज के शिवलर स्थित मदरसे का मामला। परिजनों ने थाने में कहा, उन्होंने ही सख्ती के लिए कहा था, नहीं चाहिए कार्रवाई।

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सख्ती के नाम पर मदरसे में दो किशोरों के पैरों में बेड़ियां डालकर ताले जड़ दिए गए। इनसे यह अमानवीय व्यवहार गोसाईंगंज के शिवलर स्थित सुफ्फा मदीनतुल उलम मदरसा के मौलाना ने किया था। शुक्रवार दोपहर किशोरों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस हरकत में आई। हालांकि, दोनों के परिजनों ने थाने में लिखित में दिया कि उन्होंने ही सख्ती करने के लिए कहा था और उन्हें कोई कार्रवाई नहीं चाहिए। 

मदरसे से भागे 13 व 14 साल के किशोरों के पांवों में लोहे की बेड़ियां देखकर ग्रामीण हैरत में पड़ गए। पूछने पर उन्होंने बताया कि मदरसे के मौलाना मो. रियाज ने ऐसा किया है। इस पर ग्रामीणों ने बेड़ियां काटीं। घटना का वीडियो वायरल होने पर पुलिस पहुंची और दोनों को थाने ले आई। प्रभारी निरीक्षक गोसाईंगंज शैलेंद्र गिरि के मुताबिक बाराबंकी में रहने वाले 13 वर्ष के किशोर के माता-पिता ने बताया कि अच्छी तालीम दिलाने के लिए उन्होंने बच्चे को मदरसे में छोड़ा था। हालांकि, रमजान की छुट्टी के बाद से ही मदरसा नहीं जाना चाह रहा था। 

यही बात दूसरे किशोर के भाई ने पुलिस से कही। बताया कि दोनों दो बार मदरसे से भाग चुके हैं। शुक्रवार को भी ऐसा किया था। इस पर उन्होंने मौलाना से सख्ती करने के लिए कहा था। यह भी कहा था कि फिर ऐसा करते हैं तो इन्हें बांधकर रखें। परिवारीजन ने लिखित में दिया कि वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। एसीपी गोसाईगंज स्वाति चौधरी के मुताबिक बच्चे घरवालों को सौंप दिए गए हैं। वहीं, मौलाना मो. रियाज के मुताबिक दोनों बच्चे शैतान हैं। परिवारीजन के कहने पर ही उनके आने तक दोनों को बांधकर रोकने का प्रयास किया था। मौलाना ने बच्चों संग मारपीट से इन्कार किया है।

गैरकानूनी तरीके से चल रहा है मदरसा
शिवलर स्थित सुफ्फा मदीनतुल उलम मदरसा गैरकानूनी तरीके से चल रहा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोन कुमार के मुताबिक इसकी मान्यता नहीं है। सरकार से कोई आर्थिक सहायता भी नहीं दी जाती है। यह एक मकतब की तरह है। जहां मोहल्ले के बच्चों को जुटाकर पढ़ाया जाता है। 

माता-पिता की सहमति पर भी नहीं कर सकते क्रूरता
उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. सुचिता चतुर्वेदी ने कहा कि किसी भी बच्चे के साथ क्रूरता करना गलत है। ऐसा करने वाले पर कार्रवाई होगी। इसमें माता-पिता की सहमति हो तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं, इसकी जानकारी होने पर भी कोई सूचना नहीं दी गई तो यह भी गैरकानूनी है। बच्चों की देखरेख का अधिकार माता-पिता को है।

अगर किसी कारण से बच्चा बाहर रहता है तो कभी भी इसकी छूट नहीं दी जा सकती है कि उसके साथ क्रूरता की जाए। मदरसे का निरीक्षण होगा। जांच की जाएगी कि यह सरकार के पैनल पर है या नहीं और इसे आर्थिक सहायता कहां से मिल रही है। बच्चों की संख्या और उनके स्थायी आवास कहां हैं। इसकी भी जांच होगी कि अन्य बच्चों से भी तो ऐसी घटना नहीं हुई है। मामले में जो दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विस्तार

सख्ती के नाम पर मदरसे में दो किशोरों के पैरों में बेड़ियां डालकर ताले जड़ दिए गए। इनसे यह अमानवीय व्यवहार गोसाईंगंज के शिवलर स्थित सुफ्फा मदीनतुल उलम मदरसा के मौलाना ने किया था। शुक्रवार दोपहर किशोरों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस हरकत में आई। हालांकि, दोनों के परिजनों ने थाने में लिखित में दिया कि उन्होंने ही सख्ती करने के लिए कहा था और उन्हें कोई कार्रवाई नहीं चाहिए। 

मदरसे से भागे 13 व 14 साल के किशोरों के पांवों में लोहे की बेड़ियां देखकर ग्रामीण हैरत में पड़ गए। पूछने पर उन्होंने बताया कि मदरसे के मौलाना मो. रियाज ने ऐसा किया है। इस पर ग्रामीणों ने बेड़ियां काटीं। घटना का वीडियो वायरल होने पर पुलिस पहुंची और दोनों को थाने ले आई। प्रभारी निरीक्षक गोसाईंगंज शैलेंद्र गिरि के मुताबिक बाराबंकी में रहने वाले 13 वर्ष के किशोर के माता-पिता ने बताया कि अच्छी तालीम दिलाने के लिए उन्होंने बच्चे को मदरसे में छोड़ा था। हालांकि, रमजान की छुट्टी के बाद से ही मदरसा नहीं जाना चाह रहा था। 

यही बात दूसरे किशोर के भाई ने पुलिस से कही। बताया कि दोनों दो बार मदरसे से भाग चुके हैं। शुक्रवार को भी ऐसा किया था। इस पर उन्होंने मौलाना से सख्ती करने के लिए कहा था। यह भी कहा था कि फिर ऐसा करते हैं तो इन्हें बांधकर रखें। परिवारीजन ने लिखित में दिया कि वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। एसीपी गोसाईगंज स्वाति चौधरी के मुताबिक बच्चे घरवालों को सौंप दिए गए हैं। वहीं, मौलाना मो. रियाज के मुताबिक दोनों बच्चे शैतान हैं। परिवारीजन के कहने पर ही उनके आने तक दोनों को बांधकर रोकने का प्रयास किया था। मौलाना ने बच्चों संग मारपीट से इन्कार किया है।

गैरकानूनी तरीके से चल रहा है मदरसा

शिवलर स्थित सुफ्फा मदीनतुल उलम मदरसा गैरकानूनी तरीके से चल रहा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोन कुमार के मुताबिक इसकी मान्यता नहीं है। सरकार से कोई आर्थिक सहायता भी नहीं दी जाती है। यह एक मकतब की तरह है। जहां मोहल्ले के बच्चों को जुटाकर पढ़ाया जाता है। 

माता-पिता की सहमति पर भी नहीं कर सकते क्रूरता

उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. सुचिता चतुर्वेदी ने कहा कि किसी भी बच्चे के साथ क्रूरता करना गलत है। ऐसा करने वाले पर कार्रवाई होगी। इसमें माता-पिता की सहमति हो तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं, इसकी जानकारी होने पर भी कोई सूचना नहीं दी गई तो यह भी गैरकानूनी है। बच्चों की देखरेख का अधिकार माता-पिता को है।

अगर किसी कारण से बच्चा बाहर रहता है तो कभी भी इसकी छूट नहीं दी जा सकती है कि उसके साथ क्रूरता की जाए। मदरसे का निरीक्षण होगा। जांच की जाएगी कि यह सरकार के पैनल पर है या नहीं और इसे आर्थिक सहायता कहां से मिल रही है। बच्चों की संख्या और उनके स्थायी आवास कहां हैं। इसकी भी जांच होगी कि अन्य बच्चों से भी तो ऐसी घटना नहीं हुई है। मामले में जो दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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