LIC IPO: लॉन्च से पहले एलआईसी की अहम बैठक आज, जानें अब तक आए सबसे बड़े आईपीओ और उनकी लिस्टिंग के बारे में सबकुछ

By | April 29, 2022


सार

दीपम सचिव तुहिनकांत पांडे के अनुसार, सरकार ने अपनी इक्विटी हिस्सेदारी का 3.5 प्रतिशत या एलआईसी के 22.13 करोड़ शेयरों को बेचकर 20,557.23 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह लगभग 60,000 करोड़ रुपये के पहले के अनुमान से काफी कम है। 

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देश का सबसे बड़ा आईपीओ पेश होने में महज कुछ ही दिन का समय बाकी रह गया है। एलआईसी अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) चार मई को पेश करेगी, जो सब्सक्रिप्शन के लिए नौ मई तक खुला रहेगा। शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग 17 मई तक होने की उम्मीद है। लॉन्च से पहले आज शुक्रवार को कंपनी अहम बैठक करने वाली है। इसमें कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।  

21000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना
मंगलवार को आईपीओ लॉन्च करने की तारीख और इसके प्राइस बैंक का आधिकारिक एलान करते हुए निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांता पांडे ने कहा था कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी और इस आईपीओ के जरिए 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इससे पहले पांच फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी थी। डीआरएचपी के मुताबिक, इस आईपीओ के जरिए सरकार की योजना 21 हजार रुपये जुटाने की है। यहां बता दें कि सरकार ने रूस-यूक्रेन युद्ध से उपजे हालातों के मद्देनजर बाजार की स्थिति को देखते हुए इश्यू के आकार को घटा दिया है। हालांकि इसके बाद भी यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। 

इतनी तय की गई शेयर की कीमत 
बीमा कंपनी ने इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) के लिए अपना प्राइस बैंड 902 रुपये से 949 रुपये प्रति इक्विटी शेयर तय किया है। दीपम सचिव तुहिनकांत पांडे के अनुसार, सरकार ने अपनी इक्विटी हिस्सेदारी का 3.5 प्रतिशत या एलआईसी के 22.13 करोड़ शेयरों को बेचकर 20,557.23 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह लगभग 60,000 करोड़ रुपये के पहले के अनुमान से काफी कम है। आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा। बिक्री के लिए पेश किए गए 22.13 करोड़ शेयरों में से लगभग 5.93 करोड़ शेयर एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के लिए 1.58 मिलियन है जबकि पॉलिसीधारक आरक्षण 22.14 मिलियन शेयर आरक्षित हैं। 

पॉलिसीधारकों को 60 रुपये की छूट
डीआरएचपी के मुताबिक, एलआईसी के आईपीओ में पॉलिसीधारकों और कर्मचारियों के लिए शेयर के भाव में छूट का भी प्रावधान किया गया है। पॉलिसीधारकों को प्रति शेयर पर 60 रुपये की छूट मिलेगी, जबकि रिटेल और कर्मचारियों को 40 रुपये की छूट दी जाएगी। इस आईपीओ के आधे शेयर योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हैं, 15 प्रतिशत शेयर गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित होंगे, जबकि शेष खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित होंगे। इस आईपीओ के लिए सरकार ने बीते दिनों 20 फीसदी एफडीआई को भी मंजूरी दी है। 

6.48 करोड़ पॉलिसीधारकों की दिलचस्पी
गुरुवार को दीपम में निदेशक राहुल जैन ने कहा था कि एलआईसी के आईपीओ को लेकर जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। 6.48 पॉलिसीधारकों ने शेयर खरीदने को लेकर काफी दिलचस्पी दिखाई है। मसलन 6.48 करोड़ पॉलिसीधारकों ने कट-ऑफ तिथि (28 फरवरी, 2022) तक अपने पैन नंबर को पॉलिसी विवरण के साथ जोड़ा है। बता दें कि ऐसे पॉलिसीधारक जिन्होंने अपने पैन कार्ड की जानकारी 28 फरवरी तक पॉलिसी विवरण में अपडेट कर दी है, तो वे आरक्षित श्रेणी के जरिए एलआईसी आईपीओ में भागीदारी कर सकते हैं। दीपम निदेशक ने कहा कि कोई भी पॉलिसीधारक आरक्षित श्रेणी में दो लाख रुपये तक का निवेश कर सकता है। खुदरा श्रेणी में भी दो लाख रुपये तक का निवेश किया सकता है। 

इससे पहले आए ये पांच बड़े आईपीओ
पेटीएम : 
देश में ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा मुहैया करा रहे फिनटेक फर्म पेटीएम की नवंबर 2021 में 18,300 करोड़ रुपये का आईपीओ लॉन्च किया था। एलआईसी से पहले सबसे बड़े आईपीओ का तमगा पेटीएम के नाम ही था। 
कोल इंडिया: पेटीएम से पहले साल 2010 में कोल इंडिया लिमिटेड ने अपना आईपीओ लॉन्च किया था। इस आईपीओ का आकार 15,500 करोड़ रुपये था। 
रिलायंस पावर : रिलायंस पावर ने भी साल 2008 में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम पेश किया था। इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने 11,700 करोड़ रुपये जुटाए थे।
जनरल इंश्योरेंस : जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का आईपीओ 2017 लॉन्च हुआ था। सरकारी पुनर्बीमा कंपनी ने शुरुआती शेयर बिक्री के जरिए 11,176 करोड़ रुपये जुटाए थे। 
एसबीआई कार्ड : एसबीआई कार्ड भी बड़े आईपीओ लाने वालों में शामिल है। साल 2020 में भारतीय स्टेट बैंक के स्वामित्व वाले एसबीआई कार्ड और भुगतान सेवाओं ने 10,355 करोड़ रुपये जुटाए थे।

इन बड़े आईपीओ की लिस्टिंग खराब
अब तक देश का सबसे बड़ा रहा पेटीएम का आईपीओ पूरे जोश के साथ लॉन्च किया गया, लेकिन इसकी लिस्टिंग ने उस जोश को ठंडा कर दिया। बीते एक दशक में सबसे खराब लिस्टिंग पेटीएम के आईपीओ की ही हुई। इसके शेयर लिस्टिंग वाले दिन 27 फीसदी तक टूटे थे और निवेशक अब तक इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। इससे पहले सबसे खराब लिस्टिंग कैफे कॉफी डे नाम से रेस्टोरेंट चलाने वाली कंपनी कॉफी डे इंटरप्राइजेज की रही थी। 2015 में लिस्टिंग के दिन कंपनी का शेयर 17.60 फीसदी तक टूट गया था। इसके अलावा रिलायंस पावर का शेयर भी जनवरी 2008 में 17.20 फीसदी टूटकर लिस्ट हुआ था। 

पेटीएम के हाल से बेहाल दूसरी कंपनियां
यहां बता दें कि पेटीएम की खराब लिस्टिंग और उसके बाद इसके शेयरों में आई भारी गिरावट का असर दूसरी कंपनियों पर भी पड़ा जो कि अपने आईपीओ लाने की तैयारी कर रही थीं। इसका हाल देखते हुए मोबिक्विक ने अपने आईपीओ को आगे के लिए टाल दिया और अन्य कई कंपनियों ने अपनी योजना को ठहराव दे दिया। बहरहाल, अब देश की सबसे बड़ी कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम अपना आईपीओ लॉन्च करने वाली है तो देखना दिलचस्प होगा कि ये निवेशकों के लिए फायदे का सौदा साबित होती है या फिर पेटीएम की तरह फ्लॉप। 

विस्तार

देश का सबसे बड़ा आईपीओ पेश होने में महज कुछ ही दिन का समय बाकी रह गया है। एलआईसी अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) चार मई को पेश करेगी, जो सब्सक्रिप्शन के लिए नौ मई तक खुला रहेगा। शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग 17 मई तक होने की उम्मीद है। लॉन्च से पहले आज शुक्रवार को कंपनी अहम बैठक करने वाली है। इसमें कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।  

21000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना

मंगलवार को आईपीओ लॉन्च करने की तारीख और इसके प्राइस बैंक का आधिकारिक एलान करते हुए निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांता पांडे ने कहा था कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी और इस आईपीओ के जरिए 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इससे पहले पांच फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी थी। डीआरएचपी के मुताबिक, इस आईपीओ के जरिए सरकार की योजना 21 हजार रुपये जुटाने की है। यहां बता दें कि सरकार ने रूस-यूक्रेन युद्ध से उपजे हालातों के मद्देनजर बाजार की स्थिति को देखते हुए इश्यू के आकार को घटा दिया है। हालांकि इसके बाद भी यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। 

इतनी तय की गई शेयर की कीमत 

बीमा कंपनी ने इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) के लिए अपना प्राइस बैंड 902 रुपये से 949 रुपये प्रति इक्विटी शेयर तय किया है। दीपम सचिव तुहिनकांत पांडे के अनुसार, सरकार ने अपनी इक्विटी हिस्सेदारी का 3.5 प्रतिशत या एलआईसी के 22.13 करोड़ शेयरों को बेचकर 20,557.23 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह लगभग 60,000 करोड़ रुपये के पहले के अनुमान से काफी कम है। आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा। बिक्री के लिए पेश किए गए 22.13 करोड़ शेयरों में से लगभग 5.93 करोड़ शेयर एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के लिए 1.58 मिलियन है जबकि पॉलिसीधारक आरक्षण 22.14 मिलियन शेयर आरक्षित हैं। 

पॉलिसीधारकों को 60 रुपये की छूट

डीआरएचपी के मुताबिक, एलआईसी के आईपीओ में पॉलिसीधारकों और कर्मचारियों के लिए शेयर के भाव में छूट का भी प्रावधान किया गया है। पॉलिसीधारकों को प्रति शेयर पर 60 रुपये की छूट मिलेगी, जबकि रिटेल और कर्मचारियों को 40 रुपये की छूट दी जाएगी। इस आईपीओ के आधे शेयर योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हैं, 15 प्रतिशत शेयर गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित होंगे, जबकि शेष खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित होंगे। इस आईपीओ के लिए सरकार ने बीते दिनों 20 फीसदी एफडीआई को भी मंजूरी दी है। 

6.48 करोड़ पॉलिसीधारकों की दिलचस्पी

गुरुवार को दीपम में निदेशक राहुल जैन ने कहा था कि एलआईसी के आईपीओ को लेकर जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। 6.48 पॉलिसीधारकों ने शेयर खरीदने को लेकर काफी दिलचस्पी दिखाई है। मसलन 6.48 करोड़ पॉलिसीधारकों ने कट-ऑफ तिथि (28 फरवरी, 2022) तक अपने पैन नंबर को पॉलिसी विवरण के साथ जोड़ा है। बता दें कि ऐसे पॉलिसीधारक जिन्होंने अपने पैन कार्ड की जानकारी 28 फरवरी तक पॉलिसी विवरण में अपडेट कर दी है, तो वे आरक्षित श्रेणी के जरिए एलआईसी आईपीओ में भागीदारी कर सकते हैं। दीपम निदेशक ने कहा कि कोई भी पॉलिसीधारक आरक्षित श्रेणी में दो लाख रुपये तक का निवेश कर सकता है। खुदरा श्रेणी में भी दो लाख रुपये तक का निवेश किया सकता है। 

इससे पहले आए ये पांच बड़े आईपीओ

पेटीएम : 
देश में ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा मुहैया करा रहे फिनटेक फर्म पेटीएम की नवंबर 2021 में 18,300 करोड़ रुपये का आईपीओ लॉन्च किया था। एलआईसी से पहले सबसे बड़े आईपीओ का तमगा पेटीएम के नाम ही था। 

कोल इंडिया: पेटीएम से पहले साल 2010 में कोल इंडिया लिमिटेड ने अपना आईपीओ लॉन्च किया था। इस आईपीओ का आकार 15,500 करोड़ रुपये था। 

रिलायंस पावर : रिलायंस पावर ने भी साल 2008 में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम पेश किया था। इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने 11,700 करोड़ रुपये जुटाए थे।

जनरल इंश्योरेंस : जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का आईपीओ 2017 लॉन्च हुआ था। सरकारी पुनर्बीमा कंपनी ने शुरुआती शेयर बिक्री के जरिए 11,176 करोड़ रुपये जुटाए थे। 

एसबीआई कार्ड : एसबीआई कार्ड भी बड़े आईपीओ लाने वालों में शामिल है। साल 2020 में भारतीय स्टेट बैंक के स्वामित्व वाले एसबीआई कार्ड और भुगतान सेवाओं ने 10,355 करोड़ रुपये जुटाए थे।

इन बड़े आईपीओ की लिस्टिंग खराब

अब तक देश का सबसे बड़ा रहा पेटीएम का आईपीओ पूरे जोश के साथ लॉन्च किया गया, लेकिन इसकी लिस्टिंग ने उस जोश को ठंडा कर दिया। बीते एक दशक में सबसे खराब लिस्टिंग पेटीएम के आईपीओ की ही हुई। इसके शेयर लिस्टिंग वाले दिन 27 फीसदी तक टूटे थे और निवेशक अब तक इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। इससे पहले सबसे खराब लिस्टिंग कैफे कॉफी डे नाम से रेस्टोरेंट चलाने वाली कंपनी कॉफी डे इंटरप्राइजेज की रही थी। 2015 में लिस्टिंग के दिन कंपनी का शेयर 17.60 फीसदी तक टूट गया था। इसके अलावा रिलायंस पावर का शेयर भी जनवरी 2008 में 17.20 फीसदी टूटकर लिस्ट हुआ था। 

पेटीएम के हाल से बेहाल दूसरी कंपनियां

यहां बता दें कि पेटीएम की खराब लिस्टिंग और उसके बाद इसके शेयरों में आई भारी गिरावट का असर दूसरी कंपनियों पर भी पड़ा जो कि अपने आईपीओ लाने की तैयारी कर रही थीं। इसका हाल देखते हुए मोबिक्विक ने अपने आईपीओ को आगे के लिए टाल दिया और अन्य कई कंपनियों ने अपनी योजना को ठहराव दे दिया। बहरहाल, अब देश की सबसे बड़ी कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम अपना आईपीओ लॉन्च करने वाली है तो देखना दिलचस्प होगा कि ये निवेशकों के लिए फायदे का सौदा साबित होती है या फिर पेटीएम की तरह फ्लॉप। 



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