Assam Flood Updates : असम में बाढ़ का कहर,  20 जिलों के दो लाख लोग प्रभावित, भारी वर्षा से रेल व सड़क संपर्क ठप

By | May 17, 2022


सार

असम के 20 जिलों में लगभग 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, लगातार बारिश से भूस्खलन के बाद पहाड़ी जिले दीमा हसाओ राज्य के बाकी हिस्सों से कट गया है। 
 

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असम में भारी वर्षा ने 20 जिलों में कहर बरपा दिया है। करीब 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। लगातार वर्षा से कई जिलों का सड़क व रेल संपर्क टूट गया है। राज्य के कई इलाकों में बाढ़ के कारण जनजीवन पर व्यापक असर हुआ है। भारी तबाही की भी खबरें मिल रही हैं। 

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के बुलेटिन में कहा गया है कि राज्य के 20 जिलों में लगभग 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, लगातार बारिश से भूस्खलन के बाद पहाड़ी जिले दीमा हसाओ राज्य के बाकी हिस्सों से कट गया है।  अब तक राज्य के 20 जिलों के 46 राजस्व सर्कल में से 652 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 

कछार व दीमा में पांच की मौत
कछार जिले में बाढ़ से दो मौतें हुईं, जबकि भूस्खलन के कारण तीन मौतें पहले दीमा हसाओ में दर्ज की गईं। बाढ़ से लगभग 1,97,248 लोग प्रभावित हुए हैं, जिसमें होजई और कछार में क्रमश: 78,157 और 51,357 लोग प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश की वजह से लखीमपुर, नगांव, होजाई, जिलों में कई सड़कें, पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कछार जिला प्रशासन ने 55 राहत शिविर और 12 वितरण केंद्र स्थापित किए हैं जिनमें 32,959 बाढ़ प्रभावितों ने शरण ली है। नगांव जिले में कोपिली नदी का जल स्तर बढ़ने से कई अन्य इलाके भी जलमग्न हो गए हैं।  

डिमा हसाउ में बाढ़ के कारण रेल पटरियां बहीं
लगातार बारिश की वजह से लखीमपुर, नगांव, होजाई, जिलों में कई सड़कें, पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, डिमा हसाउ जिले में बाढ़ से रेलवे लाइन बह गई। कई स्टेशनों पर पटरियां जलमग्न हो गई हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से पटरियों के नीचे की जमीन धंस गई और पटरियां हवा में झूलने लगीं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपात सेवाएं और स्थानीय लोग बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव अभियान चला रहे हैं।

16 स्थानों पर तटबंध टूटे
पिछले 24 घंटों में विभिन्न जिलों में 16 स्थानों पर तटबंध टूट गए हैं। कई इलाकों में सड़कें, पुल और घर बनकर तैयार हो गए हैं या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दीमा हसाओ में संचार चैनल भी बंद कर दिए गए हैं। हाफलोंग की ओर जाने वाली सभी सड़कें और रेलवे 15 मई से अवरुद्ध हैं।

दो ट्रेनों में फंसे 2800 लोगों को निकाला
गुवाहाटी में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने बताया कि भूस्खलन और पटरियों पर जलभराव के कारण पिछले दो दिनों से दीमा हसाओ में लुमडिंग-बदरपुर खंड पर फंसे दो ट्रेनों के लगभग 2,800 यात्रियों को निकालने का काम सोमवार को पूरा हो गया।

18 ट्रेनें निरस्त
न्यू हॉफलांग रेलवे स्टेशन पूरी तरह डूब गया है और स्टेशन पर खड़ी एक खाली ट्रेन भारी भू स्खलन के कारण बाढ़ में बह गई। करीब 18 ट्रेनों को निरस्त किया गया है जबकि 10 को रास्तों में रोका गया है। पटरियों को दुरुस्त कर रेल यातायात बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। 
 

विस्तार

असम में भारी वर्षा ने 20 जिलों में कहर बरपा दिया है। करीब 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। लगातार वर्षा से कई जिलों का सड़क व रेल संपर्क टूट गया है। राज्य के कई इलाकों में बाढ़ के कारण जनजीवन पर व्यापक असर हुआ है। भारी तबाही की भी खबरें मिल रही हैं। 

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के बुलेटिन में कहा गया है कि राज्य के 20 जिलों में लगभग 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, लगातार बारिश से भूस्खलन के बाद पहाड़ी जिले दीमा हसाओ राज्य के बाकी हिस्सों से कट गया है।  अब तक राज्य के 20 जिलों के 46 राजस्व सर्कल में से 652 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 

कछार व दीमा में पांच की मौत

कछार जिले में बाढ़ से दो मौतें हुईं, जबकि भूस्खलन के कारण तीन मौतें पहले दीमा हसाओ में दर्ज की गईं। बाढ़ से लगभग 1,97,248 लोग प्रभावित हुए हैं, जिसमें होजई और कछार में क्रमश: 78,157 और 51,357 लोग प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश की वजह से लखीमपुर, नगांव, होजाई, जिलों में कई सड़कें, पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कछार जिला प्रशासन ने 55 राहत शिविर और 12 वितरण केंद्र स्थापित किए हैं जिनमें 32,959 बाढ़ प्रभावितों ने शरण ली है। नगांव जिले में कोपिली नदी का जल स्तर बढ़ने से कई अन्य इलाके भी जलमग्न हो गए हैं।  

डिमा हसाउ में बाढ़ के कारण रेल पटरियां बहीं

लगातार बारिश की वजह से लखीमपुर, नगांव, होजाई, जिलों में कई सड़कें, पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, डिमा हसाउ जिले में बाढ़ से रेलवे लाइन बह गई। कई स्टेशनों पर पटरियां जलमग्न हो गई हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से पटरियों के नीचे की जमीन धंस गई और पटरियां हवा में झूलने लगीं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपात सेवाएं और स्थानीय लोग बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव अभियान चला रहे हैं।

16 स्थानों पर तटबंध टूटे

पिछले 24 घंटों में विभिन्न जिलों में 16 स्थानों पर तटबंध टूट गए हैं। कई इलाकों में सड़कें, पुल और घर बनकर तैयार हो गए हैं या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दीमा हसाओ में संचार चैनल भी बंद कर दिए गए हैं। हाफलोंग की ओर जाने वाली सभी सड़कें और रेलवे 15 मई से अवरुद्ध हैं।

दो ट्रेनों में फंसे 2800 लोगों को निकाला

गुवाहाटी में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने बताया कि भूस्खलन और पटरियों पर जलभराव के कारण पिछले दो दिनों से दीमा हसाओ में लुमडिंग-बदरपुर खंड पर फंसे दो ट्रेनों के लगभग 2,800 यात्रियों को निकालने का काम सोमवार को पूरा हो गया।

18 ट्रेनें निरस्त

न्यू हॉफलांग रेलवे स्टेशन पूरी तरह डूब गया है और स्टेशन पर खड़ी एक खाली ट्रेन भारी भू स्खलन के कारण बाढ़ में बह गई। करीब 18 ट्रेनों को निरस्त किया गया है जबकि 10 को रास्तों में रोका गया है। पटरियों को दुरुस्त कर रेल यातायात बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। 

 



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