यूपी : विधान परिषद चुनाव के बाद भाजपा संगठन में होगा बदलाव, ओबीसी आयोग को भी मिलेगा नया अध्यक्ष

By | March 27, 2022


अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 27 Mar 2022 12:48 AM IST

सार

भाजपा में एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। ऐसे में उनकी जगह अब नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति होनी है। 
 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की नई सरकार के गठन के बाद अब प्रदेश संगठन में बदलाव की तैयारी है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, दो प्रदेश उपाध्यक्ष और एक प्रदेश महामंत्री को सरकार में मंत्री बनाए जाने की वजह से विधान परिषद चुनाव के बाद संगठन में बदलाव की कवायद होगी।

भाजपा में एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। ऐसे में उनकी जगह अब नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति होनी है। ऐसा माना जा रहा है कि प्रदेश में अभी विधान परिषद की स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र की 36 सीटों का चुनाव चल रहा है। इस चुनाव के बाद पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की कवायद होगी। प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद कुमार शर्मा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। 

पार्टी के प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर और प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। लिहाजा अब राठौर और दयाशंकर भी संगठन का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। पार्टी ने ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप को भी मंत्री बनाया है। इसलिए ओबीसी मोर्चा में भी नया प्रदेश अध्यक्ष तैनात किया जाएगा। 

ओबीसी आयोग को भी मिलेगा नया अध्यक्ष
राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी को भी प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री बनाया गया है। जानकारों का कहना है कि इससे आयोग में भी नए अध्यक्ष की नियुक्ति होगी।

विधान परिषद चुनाव : 27 सीटों पर होगा चुनाव, तैयारियों में जुटा पुलिस प्रशासन
स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद की 36 सीटों में से 27 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बाकी 9 सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार 27 सीटों पर चुनाव होना है वहां 95 प्रत्याशियों की किसमत दांव पर है। उसमें से छह सीट ऐसी है जहां सपा और भाजपा के बीच आमने-सामने की टक्कर है। यह सीटें हैं मुरादाबाद-बिजनौर, लखनऊ-उन्नाव, बहराइच, कानपुर-फतेहपुर, गोरखपुर-महाराजगंज और बलिया सीट। 

गाजीपुर सीट पर भी केवल दो प्रत्याशी हैं, लेकिन इसमें एक भाजपा का और दूसरा निर्दल है। समाजवादी पार्टी के गाजीपुर प्रत्याशी ने अपना नाम वापस ले लिया था। बाकी 20 सीटों पर तीन या उससे अधिक प्रत्याशी हैं। सबसे अधिक प्रतापगढ़, मेरठ-गाजियाबाद और देवरिया सीट पर 6-6 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसके अलावा आजमगढ़-मऊ, इलाहाबाद, आगरा-फिरोजाबाद और मुजफ्फरनगर-सहारनपुर प्राधिकारी क्षेत्र की सीट पर 5-5 प्रत्याशी हैं। इन सभी सीटों पर चुनाव के लिए पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुख्ता बंदोबस्त कर रही है। जिलों को रेंज व जोन स्तर से फोर्स उपलब्ध कराई जाएगी। 

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की नई सरकार के गठन के बाद अब प्रदेश संगठन में बदलाव की तैयारी है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, दो प्रदेश उपाध्यक्ष और एक प्रदेश महामंत्री को सरकार में मंत्री बनाए जाने की वजह से विधान परिषद चुनाव के बाद संगठन में बदलाव की कवायद होगी।

भाजपा में एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। ऐसे में उनकी जगह अब नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति होनी है। ऐसा माना जा रहा है कि प्रदेश में अभी विधान परिषद की स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र की 36 सीटों का चुनाव चल रहा है। इस चुनाव के बाद पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की कवायद होगी। प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद कुमार शर्मा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। 

पार्टी के प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर और प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। लिहाजा अब राठौर और दयाशंकर भी संगठन का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। पार्टी ने ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप को भी मंत्री बनाया है। इसलिए ओबीसी मोर्चा में भी नया प्रदेश अध्यक्ष तैनात किया जाएगा। 

ओबीसी आयोग को भी मिलेगा नया अध्यक्ष

राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी को भी प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री बनाया गया है। जानकारों का कहना है कि इससे आयोग में भी नए अध्यक्ष की नियुक्ति होगी।

विधान परिषद चुनाव : 27 सीटों पर होगा चुनाव, तैयारियों में जुटा पुलिस प्रशासन

स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद की 36 सीटों में से 27 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बाकी 9 सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार 27 सीटों पर चुनाव होना है वहां 95 प्रत्याशियों की किसमत दांव पर है। उसमें से छह सीट ऐसी है जहां सपा और भाजपा के बीच आमने-सामने की टक्कर है। यह सीटें हैं मुरादाबाद-बिजनौर, लखनऊ-उन्नाव, बहराइच, कानपुर-फतेहपुर, गोरखपुर-महाराजगंज और बलिया सीट। 

गाजीपुर सीट पर भी केवल दो प्रत्याशी हैं, लेकिन इसमें एक भाजपा का और दूसरा निर्दल है। समाजवादी पार्टी के गाजीपुर प्रत्याशी ने अपना नाम वापस ले लिया था। बाकी 20 सीटों पर तीन या उससे अधिक प्रत्याशी हैं। सबसे अधिक प्रतापगढ़, मेरठ-गाजियाबाद और देवरिया सीट पर 6-6 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसके अलावा आजमगढ़-मऊ, इलाहाबाद, आगरा-फिरोजाबाद और मुजफ्फरनगर-सहारनपुर प्राधिकारी क्षेत्र की सीट पर 5-5 प्रत्याशी हैं। इन सभी सीटों पर चुनाव के लिए पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुख्ता बंदोबस्त कर रही है। जिलों को रेंज व जोन स्तर से फोर्स उपलब्ध कराई जाएगी। 



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