मौसम : दिल्ली-एनसीआर में देर रात तेज बारिश, आज भी आफत लाएगी आंधी, यूपी में 18 की मौत, उत्तर भारत के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

By | May 24, 2022


सार

दिल्ली-एनसीआर में देर रात को हुई बारिश ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ठंडक बढ़ा दी। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन साथ ही बत्ती गुल होने की समस्या भी झेलनी पड़ी। कई जगह जलभराव की समस्या भी हुई। वहीं, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार दोपहर आई आंधी व बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पेड़ व बिजली गिरने और दीवार ढहने से 18 लोगों की जान चली गई, जबकि काफी लोग घायल हो गए। इससे पहले सुबह हुई बारिश की वजह से कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

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मानसून पूर्व की पहली बारिश और आंधी से सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम भारत में जनजीवन अस्त-व्यस्त होने के साथ ही लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से भी राहत मिली। दिल्ली-एनसीआर में देर रात को हुई बारिश से कई जगह जलभराव हो गया। मौसम में बदलाव के मद्देनजर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि अगले पांच दिन मौसम ऐसा ही बना रहेगा। उधर, यूपी में सोमवार को आंधी की वजह से हुए हादसों में 18 लोगों की जान चली गई।

मौसम विभाग का यह भी कहना है कि पश्चिमी राजस्थान को छोड़कर देश के किसी हिस्से में लू चलने की संभावना नहीं है। वहीं, सोमवार सुबह आंधी-बारिश से कई उड़ानें प्रभावित हुईं और दिल्ली-एनसीआर में मकान ढहने से कई लोग जख्मी हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण बन रहे पानी वाले बादलों से सोमवार को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर के कई हिस्से, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में झमाझम बारिश हुई।

मौसम सुहाना होने से तापमान में काफी गिरावट देखने को मिली। दिल्ली में सोमवार सुबह पारा 11 डिग्री लुढ़क कर 18 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार से सोमवार सुबह तक फरीदाबाद में 9 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं दिल्ली में 5 सेंटीमीटर और मसूरी में 4 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर पश्चिम भारत को आंधी बारिश की कमी के कारण भीषण लू का सामना करना पड़ा। दरअसल, मार्च से मई के बीच आमतौर पर 12 से 14 दिन आंधी और बारिश होती है, जो इस बार महज चार या पांच बार देखने को मिली, वह भी सूखा। गर्मी का आलम यह था कि पिछले दिनों दिल्ली और यूपी के बांदा में तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि ज्यादातर शहरों में पारा 46 डिग्री तक चला गया था।

दिल्ली : आयानगर में सबसे अधिक 52.2 एमएम बारिश
राजधानी में रविवार शाम 5.30 बजे सोमवार शाम तक 12.6 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। जबकि आयानगर में सुबह 8.30 बजे तक सर्वाधिक 52.2 एमएम, नजफगढ़ में 29 एमएम, पालम में 27.6 एमएम और लोदी रोड इलाके में 13.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से यातायात प्रभावित हुआ। 60-90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं से अलग-अलग जगह करीब 80 पेड़ गिर गए। इसके अलावा छत और दीवार गिरने की अलग-अलग घटनाओं में करीब दस लोग घायल हो गए। 

दिल्ली में राहत के साथ आफत
बेसब्री से इंतजार कर रहे दिल्ली वालों को बारिश से राहत तो मिली, इससे आफत भी बढ़ गई। आंधी और बारिश के कारण कई उड़ान प्रभावित हुईं। इसके साथ सड़कों पर पानी भर गया और कई पेड़ और मकान गिर गए, जिससे कई जगह यातायात प्रभावित हुआ। पेड़ और मकान गिरने से कम से कम आठ लोग घायल हो गए, जबकि सड़कों पर पार्क कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। 

आज भी आंधी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने मंगलवार को भी हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आंधी और बारिश के साथ ओला गिरने का अनुमान जताया है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में करीब 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।

उत्तरी पठारों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी 
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जेनामणि ने उत्तर के पठारी भागों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए 24 और 25 मई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में अगले तीन दिनों तक लगातार भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के लिए पहले जो ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, लेकिन मौसम की स्थिति को देखते हुए उसे यलो अलर्ट में बदल दिया गया है।

उत्तर प्रदेश: धूल भरी आधी के बाद जबरदस्त बारिश ने ली 18 लोगों की जान
अवध क्षेत्र समेत प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार दोपहर आई आंधी व बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पेड़ व बिजली गिरने और दीवार ढहने से 18 लोगों की जान चली गई, जबकि काफी लोग घायल हो गए। दीवार व छज्जे गिरने से मवेशियों की भी जान गई है। आंधी के चलते अवध के अधिकांश जिलों समेत मथुरा, झांसी, उन्नाव, औरैया, मेरठ और वाराणसी विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। 

ग्रामीण इलाकों में देर रात तक बिजली नहीं आई। हादसों में जान गंवाने वालों में सीतापुर की दो मासूम बच्चियों समेत चार लोग शामिल हैं। इसी तरह सुल्तानपुर के अशरफपुर गांव में किशोरी और अमेठी में दो लोगों की जान चली गई। शिवरतगंज के सेमरौता में इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायी शिव प्रसाद चौरसिया की मौत हो गई। यहां पढ़ें पूरी खबर..

उत्तराखंड : केदारनाथ यात्रा पर अग्रिम आदेश तक रोक, दस हजार यात्री फंसे, प्रशासन ने किया अलर्ट- ‘जो जहां है वहीं रहे’
केदारघाटी व केदारनाथ में तेज बारिश और घना कोहरा छाने के चलते प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से यात्रा रोक दी। इस दौरान रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक जगह-जगह पांच हजार यात्रियों को रोक दिया गया। वहीं, सोनप्रयाग में 2000 और गौरीकुंड में 3200 यात्रियों को रोका गया। यहां पढ़ें पूरी खबर…
 

दिल्ली: तेज बारिश-आंधी के कारण सौ से अधिक उड़ानें प्रभावित, 19 के रूट बदले
आंधी और खराब मौसम के कारण सोमवार सुबह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 100 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। इस दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने 19 विमानों को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं दी। ऐसे में इन्हें जयपुर, लखनऊ, इंदौर, अमृतसर और मुंबई के लिए डायवर्ट कर दिया।

सुबह 6:30 से 10 बजे तक विमानों की आवाजाही प्रभावित हुई। 13 विमानों को जयपुर, 2 को लखनऊ और एक विमान को अमृतसर व बाकी को अन्य शहरों की तरफ मोड़ा गया। दिल्ली एयरपोर्ट के ट्विटर हैंडल पर 6:28 बजे ट्वीट किया गया कि यात्री अपनी फ्लाइट की स्थिति पता करके ही एयरपोर्ट पहुंचें। खराब मौसम के कारण विमान सेवा का संचालन प्रभावित हो रहा है। विमान सेवा प्रभावित होने से यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा। 

दिल्ली में आंधी-बारिश से गिरे पेड़, लगा जाम
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से सोमवार सुबह तेज हवाओं के साथ बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव होने और करीब 80 पेड़ गिरने से लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। आंधी के कारण छत और दीवार गिरने की घटनाओं में करीब दस लोग घायल हो गए। दिल्ली में 12.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। जबकि आयानगर में सुबह 8:30 बजे तक सर्वाधिक 52.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। 

जम्मू-कश्मीर : आज भी कुछ हिस्सों में बारिश के आसार
जम्मू-कश्मीर के मौसम में उतार चढ़ाव जारी है। कश्मीर में इंद्रदेव लगातार मेहरबान हैं। राजधानी श्रीनगर समेत कई जिलों में सोमवार को हल्की और तेज बारिश हुई। गुलमर्ग, अफर भट्ट, जोजीला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा आदि ऊपरी इलाकों में बर्फबारी से मौसम में ठंडक कायम है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार मंगलवार को जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। जम्मू में दिन की शुरुआत हल्के बादलों के साथ हुई। 

एक समय लग रहा था कि बारिश होगी, लेकिन दिनभर बादलों के साथ मौसम साफ रहा। कुछ हिस्सों में हल्की बारिश से पारे में गिरावट आई है। जम्मू में दिन का तापमान सामान्य से 6.2 डिग्री गिरकर 31.8 और बीती रात का न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बटोत में दिन का तापमान 25.0, बनिहाल में 24.0, कटड़ा में 30.8 और भद्रवाह में 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

श्रीनगर में दिन का तापमान 22.8, पहलगाम में 20.7 और गुलमर्ग में 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुलमर्ग में 10.1 मिलीमीटर बारिश हुई। पिछले कई दिनों से कश्मीर में मौसम के बदले मिजाज से तापमान में सामान्य से 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आई है। लेह में दिन का तापमान 15.1 और कारगिल में 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पंजाब में बारिश का आज येलो अलर्ट
पंजाब में मौसम विभाग ने बारिश को लेकर मंगलवार को येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। रविवार रात को हुई बारिश से सूबे के अधिकतम तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने पश्चिम मालवा को छोड़कर माझा, दोआबा और पूर्वी मालवा में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि माझा, दोआबा और मालवा के पूर्वी हिस्से में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। 

साथ ही गरज के साथ बारिश होने के आसार हैं। हालांकि 25 से 27 मई तक मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है। सोमवार को मुक्तसर का अधिकतम तापमान 42.8 रिकॉर्ड किया गया। फिरोजपुर जिले का 42.4 और बरनाला का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सलाह दी है कि बहुत जरूरी काम होने पर ही वे घर से बाहर निकलें।

लुधियाना में 18 एमएम बारिश
रविवार की रात लुधियाना में सबसे अधिक 18 एमएम बारिश हुई। इसके बाद पटियाला में 17.6, मोहाली में 11.5 और पठानकोट में 10 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे कम बारिश फिरोजपुर जिले में हुई। यहां 24 घंटे में 0.5 एमएम बारिश हुई।

विस्तार

मानसून पूर्व की पहली बारिश और आंधी से सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम भारत में जनजीवन अस्त-व्यस्त होने के साथ ही लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से भी राहत मिली। दिल्ली-एनसीआर में देर रात को हुई बारिश से कई जगह जलभराव हो गया। मौसम में बदलाव के मद्देनजर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि अगले पांच दिन मौसम ऐसा ही बना रहेगा। उधर, यूपी में सोमवार को आंधी की वजह से हुए हादसों में 18 लोगों की जान चली गई।

मौसम विभाग का यह भी कहना है कि पश्चिमी राजस्थान को छोड़कर देश के किसी हिस्से में लू चलने की संभावना नहीं है। वहीं, सोमवार सुबह आंधी-बारिश से कई उड़ानें प्रभावित हुईं और दिल्ली-एनसीआर में मकान ढहने से कई लोग जख्मी हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण बन रहे पानी वाले बादलों से सोमवार को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर के कई हिस्से, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में झमाझम बारिश हुई।

मौसम सुहाना होने से तापमान में काफी गिरावट देखने को मिली। दिल्ली में सोमवार सुबह पारा 11 डिग्री लुढ़क कर 18 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार से सोमवार सुबह तक फरीदाबाद में 9 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं दिल्ली में 5 सेंटीमीटर और मसूरी में 4 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर पश्चिम भारत को आंधी बारिश की कमी के कारण भीषण लू का सामना करना पड़ा। दरअसल, मार्च से मई के बीच आमतौर पर 12 से 14 दिन आंधी और बारिश होती है, जो इस बार महज चार या पांच बार देखने को मिली, वह भी सूखा। गर्मी का आलम यह था कि पिछले दिनों दिल्ली और यूपी के बांदा में तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि ज्यादातर शहरों में पारा 46 डिग्री तक चला गया था।

दिल्ली : आयानगर में सबसे अधिक 52.2 एमएम बारिश

राजधानी में रविवार शाम 5.30 बजे सोमवार शाम तक 12.6 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। जबकि आयानगर में सुबह 8.30 बजे तक सर्वाधिक 52.2 एमएम, नजफगढ़ में 29 एमएम, पालम में 27.6 एमएम और लोदी रोड इलाके में 13.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से यातायात प्रभावित हुआ। 60-90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं से अलग-अलग जगह करीब 80 पेड़ गिर गए। इसके अलावा छत और दीवार गिरने की अलग-अलग घटनाओं में करीब दस लोग घायल हो गए। 

दिल्ली में राहत के साथ आफत

बेसब्री से इंतजार कर रहे दिल्ली वालों को बारिश से राहत तो मिली, इससे आफत भी बढ़ गई। आंधी और बारिश के कारण कई उड़ान प्रभावित हुईं। इसके साथ सड़कों पर पानी भर गया और कई पेड़ और मकान गिर गए, जिससे कई जगह यातायात प्रभावित हुआ। पेड़ और मकान गिरने से कम से कम आठ लोग घायल हो गए, जबकि सड़कों पर पार्क कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। 



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