मातोश्री के नाम 2.5 करोड़ रुपये का उपहार: आयकर विभाग के पहुंचते ही बोले शिवसेना नेता- ‘अरे ये तो मेरी मां है’

By | March 27, 2022


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 27 Mar 2022 12:26 PM IST

सार

अधिकारियों को कथित तौर पर दो डायरी प्रविष्टियां मिलीं, जिनमें कहा गया है कि 50 लाख रुपये की घड़ी और 2 करोड़ रुपये का एक और उपहार ‘मातोश्री’ को दिया गया था।

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बीएमसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत जाधव की जांच कर रहे आयकर विभाग के अधिकारियों को कथित तौर पर करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन के विवरण वाली एक डायरी मिली है। अधिकारियों को कथित तौर पर दो डायरी प्रविष्टियां मिलीं, जिनमें कहा गया है कि 50 लाख रुपये की घड़ी और 2 करोड़ रुपये का एक और उपहार ‘मातोश्री’ को दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। बता दें कि मातोश्री मुंबई के बांद्रा में ठाकरे के आवास का नाम है।

इनकम टैक्स का डंडा पड़ा तो बोले शिवसेना नेता -‘ये तो मेरी मां है’
इनकम टैक्स की जांच शुरू होते ही शिवसेना नेता यशवंत जाधव ने कहा है कि डायरी की प्रविष्टियों में ‘मातोश्री’ उनकी मां को संदर्भित करता है। पूछताछ करने पर उन्होंने कहा कि पहली डायरी उनकी मां के जन्मदिन के अवसर पर उनके द्वारा घड़ी वितरण के संबंध में थी, और दूसरी अपनी मां की याद में गुड़ी पड़वा पर जरूरतमंदों को उपहार वितरण के बारे में थी। डायरी को आयकर विभाग ने 25 फरवरी को की गई तलाशी के दौरान बरामद किया था। यशवंत जाधव बीएमसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं और उनकी पत्नी यामिनी जाधव भायखला निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं।

यशवंत जाधव पर और भी आरोप
यशवंत जाधव ने न्यूजहॉक मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के जरिए कथित तौर पर भायखला में बिलकाडी चैंबर्स में 31 फ्लैट खरीदे। जाधव ने कथित तौर पर इमारत के चार से पांच किरायेदारों को नकद राशि का भुगतान किया, प्रत्येक किरायेदार को 30 से 35 लाख रुपये के बीच भुगतान किया गया। चालीस अन्य संपत्तियां हैं जिनकी जांच की जा रही है, जाधव से जुड़ी होने का संदेह है। कुछ भुगतान कथित तौर पर हवाला चैनलों के माध्यम से किरायेदारों को किए गए थे। आयकर विभाग ने अप्रैल 2018 से जाधव के अध्यक्ष रहने की तारीख तक स्थायी समिति द्वारा स्वीकृत अनुबंधों के संबंध में भी बीएमसी से जानकारी मांगी है। सभी ठेकेदारों का ब्योरा मांगा गया है।

केंद्रीय एजेंसियां सही जगह जांच करे: एकनाथ शिंदे
वहीं इस कार्रवाई पर महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ शिंदे ने अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों को उन लोगों की जांच करनी चाहिए जो वास्तव में भ्रष्ट हैं। लोकतंत्र में राजनीतिक कारणों से कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना सही नहीं है।

विस्तार

बीएमसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत जाधव की जांच कर रहे आयकर विभाग के अधिकारियों को कथित तौर पर करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन के विवरण वाली एक डायरी मिली है। अधिकारियों को कथित तौर पर दो डायरी प्रविष्टियां मिलीं, जिनमें कहा गया है कि 50 लाख रुपये की घड़ी और 2 करोड़ रुपये का एक और उपहार ‘मातोश्री’ को दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। बता दें कि मातोश्री मुंबई के बांद्रा में ठाकरे के आवास का नाम है।

इनकम टैक्स का डंडा पड़ा तो बोले शिवसेना नेता -‘ये तो मेरी मां है’

इनकम टैक्स की जांच शुरू होते ही शिवसेना नेता यशवंत जाधव ने कहा है कि डायरी की प्रविष्टियों में ‘मातोश्री’ उनकी मां को संदर्भित करता है। पूछताछ करने पर उन्होंने कहा कि पहली डायरी उनकी मां के जन्मदिन के अवसर पर उनके द्वारा घड़ी वितरण के संबंध में थी, और दूसरी अपनी मां की याद में गुड़ी पड़वा पर जरूरतमंदों को उपहार वितरण के बारे में थी। डायरी को आयकर विभाग ने 25 फरवरी को की गई तलाशी के दौरान बरामद किया था। यशवंत जाधव बीएमसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं और उनकी पत्नी यामिनी जाधव भायखला निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं।

यशवंत जाधव पर और भी आरोप

यशवंत जाधव ने न्यूजहॉक मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के जरिए कथित तौर पर भायखला में बिलकाडी चैंबर्स में 31 फ्लैट खरीदे। जाधव ने कथित तौर पर इमारत के चार से पांच किरायेदारों को नकद राशि का भुगतान किया, प्रत्येक किरायेदार को 30 से 35 लाख रुपये के बीच भुगतान किया गया। चालीस अन्य संपत्तियां हैं जिनकी जांच की जा रही है, जाधव से जुड़ी होने का संदेह है। कुछ भुगतान कथित तौर पर हवाला चैनलों के माध्यम से किरायेदारों को किए गए थे। आयकर विभाग ने अप्रैल 2018 से जाधव के अध्यक्ष रहने की तारीख तक स्थायी समिति द्वारा स्वीकृत अनुबंधों के संबंध में भी बीएमसी से जानकारी मांगी है। सभी ठेकेदारों का ब्योरा मांगा गया है।

केंद्रीय एजेंसियां सही जगह जांच करे: एकनाथ शिंदे

वहीं इस कार्रवाई पर महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ शिंदे ने अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों को उन लोगों की जांच करनी चाहिए जो वास्तव में भ्रष्ट हैं। लोकतंत्र में राजनीतिक कारणों से कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना सही नहीं है।



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