मजबूत संबंध: जयशंकर पहुंचे बांग्लादेश, पीएम शेख हसीना ने चटगांव बंदरगाह पर लिया बड़ा फैसला 

By | April 28, 2022


सार

प्रधानमंत्री हसीना की जयशंकर के साथ आधे घंटे से अधिक लंबी बैठक के दौरान कई द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात की। शेख हसीना ने पड़ोसियों के आपसी संपर्क के महत्व को रेखांकित किया और अपने देश के मुख्य बंदरगाह चटगांव बंदरगाह को भारत के उपयोग के लिए सौंपने की पेशकश की जिससे पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम और त्रिपुरा को फायदा होगा। संक्षिप्त आधिकारिक यात्रा पर गुरुवार को यहां पहुंचे जयशंकर ने शेख हसीना को पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से नई दिल्ली आने का निमंत्रण दिया। जयशंकर ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री शेख हसीना को उनके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत बधाई दी। दोनों नेताओं के मार्गदर्शन में हमारे द्विपक्षीय संबंध मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। 

शेख हसीना ने कनेक्टिविटी को बढ़ाने पर दिया जोर 
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री हसीना ने कहा कि दोनों देशों को कनेक्टिविटी को और बढ़ाना होगा। उनके प्रेस सचिव एहसानुल करीम ने पीटीआई को बताया कि पीएम हसीना ने जयशंकर से कहा कि आपसी लाभ के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाने की जरूरत है, जबकि इससे बांग्लादेश के दक्षिणपूर्वी चटगांव बंदरगाह का उपयोग करने में भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को विशेष रूप से फायदा होगा। उन्होंने कहा कि यदि संपर्क बढ़ाया जाता है तो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम और त्रिपुरा को चट्टोग्राम में बंदरगाह तक पहुंच प्राप्त हो सकती है।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि बांग्लादेश और भारत के बीच सीमा पार मार्गों को फिर से शुरू करने के लिए पहल की गई थी, जिन्हें 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान रोक दिया गया था जब बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा था। करीम ने कहा कि प्रधानमंत्री हसीना की जयशंकर के साथ आधे घंटे से अधिक लंबी बैठक के दौरान कई द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने बाद में अपने बांग्लादेशी समकक्ष एके अब्दुल मोमेन के साथ सकारात्मक चर्चा की और फिर संयुक्त रूप से मीडिया को जानकारी दी। 

बांग्लादेश और भारत के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा
उन्होंने ट्वीट किया, हम इस बात पर सहमत हुए कि हमारी करीबी पड़ोसी साझेदारी तेजी से आगे बढ़ रही है। हमारा साझा प्रयास इसे आगे ले जाना होगा। संयुक्त सलाहकार आयोग के लिए उनकी मेजबानी को लेकर आशान्वित हूं। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने बांग्लादेश और भारत के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बांग्लादेश-भारत सहयोग के बारे में संतोष व्यक्त किया, द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लिया, और समग्र रूप से सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया। 

जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री हसीना के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को उनकी सुविधा के मुताबिक भारत आने का निमंत्रण दिया। करीम ने कहा, मैंने बताया कि हम उनकी (शेख हसीना) सुविधानुसार भारत की यात्रा के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों से संबंधित कई मुद्दों पर बातचीत हुई। बैठक के दौरान करीम ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने देशों के बीच मौजूदा द्विपक्षीय संबंधों की वर्तमान स्थिति पर खुशी जताई। 

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात की। शेख हसीना ने पड़ोसियों के आपसी संपर्क के महत्व को रेखांकित किया और अपने देश के मुख्य बंदरगाह चटगांव बंदरगाह को भारत के उपयोग के लिए सौंपने की पेशकश की जिससे पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम और त्रिपुरा को फायदा होगा। संक्षिप्त आधिकारिक यात्रा पर गुरुवार को यहां पहुंचे जयशंकर ने शेख हसीना को पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से नई दिल्ली आने का निमंत्रण दिया। जयशंकर ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री शेख हसीना को उनके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत बधाई दी। दोनों नेताओं के मार्गदर्शन में हमारे द्विपक्षीय संबंध मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। 

शेख हसीना ने कनेक्टिविटी को बढ़ाने पर दिया जोर 

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री हसीना ने कहा कि दोनों देशों को कनेक्टिविटी को और बढ़ाना होगा। उनके प्रेस सचिव एहसानुल करीम ने पीटीआई को बताया कि पीएम हसीना ने जयशंकर से कहा कि आपसी लाभ के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाने की जरूरत है, जबकि इससे बांग्लादेश के दक्षिणपूर्वी चटगांव बंदरगाह का उपयोग करने में भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को विशेष रूप से फायदा होगा। उन्होंने कहा कि यदि संपर्क बढ़ाया जाता है तो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम और त्रिपुरा को चट्टोग्राम में बंदरगाह तक पहुंच प्राप्त हो सकती है।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि बांग्लादेश और भारत के बीच सीमा पार मार्गों को फिर से शुरू करने के लिए पहल की गई थी, जिन्हें 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान रोक दिया गया था जब बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा था। करीम ने कहा कि प्रधानमंत्री हसीना की जयशंकर के साथ आधे घंटे से अधिक लंबी बैठक के दौरान कई द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने बाद में अपने बांग्लादेशी समकक्ष एके अब्दुल मोमेन के साथ सकारात्मक चर्चा की और फिर संयुक्त रूप से मीडिया को जानकारी दी। 

बांग्लादेश और भारत के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा

उन्होंने ट्वीट किया, हम इस बात पर सहमत हुए कि हमारी करीबी पड़ोसी साझेदारी तेजी से आगे बढ़ रही है। हमारा साझा प्रयास इसे आगे ले जाना होगा। संयुक्त सलाहकार आयोग के लिए उनकी मेजबानी को लेकर आशान्वित हूं। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने बांग्लादेश और भारत के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बांग्लादेश-भारत सहयोग के बारे में संतोष व्यक्त किया, द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लिया, और समग्र रूप से सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया। 

जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री हसीना के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को उनकी सुविधा के मुताबिक भारत आने का निमंत्रण दिया। करीम ने कहा, मैंने बताया कि हम उनकी (शेख हसीना) सुविधानुसार भारत की यात्रा के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों से संबंधित कई मुद्दों पर बातचीत हुई। बैठक के दौरान करीम ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने देशों के बीच मौजूदा द्विपक्षीय संबंधों की वर्तमान स्थिति पर खुशी जताई। 



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