भारत बायोटेक का फैसला: धीमी की जाएगी कोवाक्सिन टीके के उत्पादन की रफ्तार, कहा- गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया

By | April 1, 2022


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 01 Apr 2022 10:33 PM IST

सार

कंपनी ने मांग के लक्ष्यों के पूरा होने और टीके की मांग में कमी आने की वजह से यह फैसला लिया है।

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कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देश का पहला स्वदेशी टीका बनाने वाली दिग्गज फार्मा कंपनी भारत बायोटेक ने शुक्रवार को कोवाक्सिन टीके के उत्पादन को धीमा करने का एलान किया। कंपनी ने कहा कि हमने अपने आपूर्ति दायित्व पूरे कर लिए हैं और टीके की मांग में आई कमी को देखते हुए अस्थाई रूप से इसका उत्पादन धीमा करने का फैसला लिया गया है।

कंपनी ने कहा कि आने वाले समय में कंपनी लंबित सुविधा रखरखाव, प्रक्रिया और सुविधा अनुकूलन गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसने कहा कि कोरोवा वायरस महामारी के रूप में आए स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान कंपनी की सभी मौजूदा सुविधाओं को कोवाक्सिन के उत्पादन के लिए उसी के अनुसार बदला गया था। पिछले साल लगातार इसका उत्पादन हुआ था।

हैदराबाद में मुख्यालय वाली फार्मा कपनी भारत बायोटेक ने आगे कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान कुछ ऐसे अत्यधिक परिष्कृत उपकरण हमारे पास उपलब्ध नहीं थे जो टीका निर्माण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए आवश्यक थे। कंपनी ने इस बात पर भी जोर दिया कि कभी भी और किसी भी स्थिति में कोवाक्सिन की गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया गया। 

 

विस्तार

कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देश का पहला स्वदेशी टीका बनाने वाली दिग्गज फार्मा कंपनी भारत बायोटेक ने शुक्रवार को कोवाक्सिन टीके के उत्पादन को धीमा करने का एलान किया। कंपनी ने कहा कि हमने अपने आपूर्ति दायित्व पूरे कर लिए हैं और टीके की मांग में आई कमी को देखते हुए अस्थाई रूप से इसका उत्पादन धीमा करने का फैसला लिया गया है।

कंपनी ने कहा कि आने वाले समय में कंपनी लंबित सुविधा रखरखाव, प्रक्रिया और सुविधा अनुकूलन गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसने कहा कि कोरोवा वायरस महामारी के रूप में आए स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान कंपनी की सभी मौजूदा सुविधाओं को कोवाक्सिन के उत्पादन के लिए उसी के अनुसार बदला गया था। पिछले साल लगातार इसका उत्पादन हुआ था।

हैदराबाद में मुख्यालय वाली फार्मा कपनी भारत बायोटेक ने आगे कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान कुछ ऐसे अत्यधिक परिष्कृत उपकरण हमारे पास उपलब्ध नहीं थे जो टीका निर्माण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए आवश्यक थे। कंपनी ने इस बात पर भी जोर दिया कि कभी भी और किसी भी स्थिति में कोवाक्सिन की गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया गया। 

 



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