भारतीय सेना को बड़ी सफलता: सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का किया सफल परीक्षण, दूर से ही लक्ष्य पर किया सीधा प्रहार

By | March 27, 2022


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालासोर
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 27 Mar 2022 12:43 PM IST

सार

परीक्षण में मिसाइल ने बहुत दूर से लक्ष्य पर सीधा प्रहार किया। डीआरडीओ के अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। 

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भारत ने आज ओडिशा के बालासोर के तट पर मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल वायु रक्षा प्रणाली का सफल परीक्षण किया। यह प्रणाली भारतीय सेना का हिस्सा है। परीक्षण में मिसाइल ने बहुत दूर से लक्ष्य पर सीधा प्रहार किया। डीआरडीओ के अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। बता दें कि इससे पहले भारत ने बुधवार को अंडमान एवं निकोबार में सतह से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया था।  अधिकारियों के अनुसार बढ़ी हुई रेंज की इस मिसाइल ने टारगेट पर सटीक निशाना लगाया। बता दें कि एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए केंद्रशासित प्रदेश अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में मौजूद थे।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर भारत
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दावा किया कि 2017-21 के दौरान भारत ने हथियारों के कुल आयात में 21 फीसदी की कटौती की, हालांकि इसके बाद भी वैश्विक स्तर पर हथियारों के आयात में अकेले भारत की हिस्सेदारी 11 फीसदी रही। 2012-2021 के दौरान लगातार रूस भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता रहा है। हालांकि, इस दौरान भारत का रूस से होने वाला हथियारों का आयात 47 फीसदी कम हुआ है। 

एसआईपीआरआई के मुताबिक भारत के यह प्रयास खुद को रक्षा तकनीक और हथियारों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की तरफ बढ़ाए गए कदमों की पुष्टि करते हैं, इसके अलावा भारत खुद को हथियारों की आपूर्ति के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं बनाए रखना चाहता है।  

विस्तार

भारत ने आज ओडिशा के बालासोर के तट पर मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल वायु रक्षा प्रणाली का सफल परीक्षण किया। यह प्रणाली भारतीय सेना का हिस्सा है। परीक्षण में मिसाइल ने बहुत दूर से लक्ष्य पर सीधा प्रहार किया। डीआरडीओ के अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। बता दें कि इससे पहले भारत ने बुधवार को अंडमान एवं निकोबार में सतह से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया था।  अधिकारियों के अनुसार बढ़ी हुई रेंज की इस मिसाइल ने टारगेट पर सटीक निशाना लगाया। बता दें कि एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए केंद्रशासित प्रदेश अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में मौजूद थे।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर भारत

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दावा किया कि 2017-21 के दौरान भारत ने हथियारों के कुल आयात में 21 फीसदी की कटौती की, हालांकि इसके बाद भी वैश्विक स्तर पर हथियारों के आयात में अकेले भारत की हिस्सेदारी 11 फीसदी रही। 2012-2021 के दौरान लगातार रूस भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता रहा है। हालांकि, इस दौरान भारत का रूस से होने वाला हथियारों का आयात 47 फीसदी कम हुआ है। 

एसआईपीआरआई के मुताबिक भारत के यह प्रयास खुद को रक्षा तकनीक और हथियारों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की तरफ बढ़ाए गए कदमों की पुष्टि करते हैं, इसके अलावा भारत खुद को हथियारों की आपूर्ति के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं बनाए रखना चाहता है।  



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