बिहार: नीतीश की कैबिनेट से बाहर किए गए वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने लगाए थे गंभीर आरोप

By | March 27, 2022


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 27 Mar 2022 09:26 PM IST

सार

वीआईपी बिहार में नीतीश कुमार जनता दल यूनाइटेड-भाजपा की गठबंधन सरकार में सहयोगी है। बीते बुधवार को वीआईपी के तीनों विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। 

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बिहार में उपचुनाव को लेकर मची उठापटक के बीच रविवार को विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी को नीतीश कुमार कैबिनेट से बाहर कर दिया गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्रालय संभाल रहे सहनी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने मछुआरों और विभाग को धोखा दिया है। जायसवाल ने यह भी कहा था कि सहनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, मामले की सिफारिश भाजपा के एक लिखित आवेदन के बाद राज्यपाल को भेज दी गई है। इसमें कहा गया है कि विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक प्रमुख सहनी अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा नहीं हैं। दरअसल, भाजपा के कहने पर सहनी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। भाजपा ने ही सहनी को विधान परिषद में भेजा था, क्योंकि वह विधानसभा का चुनाव हार गए थे।

वीआईपी बिहार में नीतीश कुमार नीत जनता दल युनाइटेड-भाजपा की गठबंधन सरकार की घटक है। इससे पहले बुधवार को वीआईपी को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब उसके तीनों विधायक भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद गुरुवार को बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि मुकेश सहनी के नेतृत्व वाली वीआईपी अब खत्म हो चुकी है। यह अब बिहार में एनडीए में नहीं है।

सहनी अब विधान परिषद सदस्य एमएलसी के रूप में अपनी पार्टी के एकमात्र प्रतिनिधि बचे हैं। सहनी पूर्व में विद्रोही तेवर दिखा चुके हैं। उन्होंने बिहार बीजेपी के नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि शुरू से ही उन्हें तोड़ने की साजिश की जा रही थी। वीआईपी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले तीन विधायक राजू सिंह, मिश्री लाल यादव और स्वर्ण सिंह हैं।

विस्तार

बिहार में उपचुनाव को लेकर मची उठापटक के बीच रविवार को विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी को नीतीश कुमार कैबिनेट से बाहर कर दिया गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्रालय संभाल रहे सहनी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने मछुआरों और विभाग को धोखा दिया है। जायसवाल ने यह भी कहा था कि सहनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, मामले की सिफारिश भाजपा के एक लिखित आवेदन के बाद राज्यपाल को भेज दी गई है। इसमें कहा गया है कि विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक प्रमुख सहनी अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा नहीं हैं। दरअसल, भाजपा के कहने पर सहनी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। भाजपा ने ही सहनी को विधान परिषद में भेजा था, क्योंकि वह विधानसभा का चुनाव हार गए थे।

वीआईपी बिहार में नीतीश कुमार नीत जनता दल युनाइटेड-भाजपा की गठबंधन सरकार की घटक है। इससे पहले बुधवार को वीआईपी को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब उसके तीनों विधायक भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद गुरुवार को बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि मुकेश सहनी के नेतृत्व वाली वीआईपी अब खत्म हो चुकी है। यह अब बिहार में एनडीए में नहीं है।

सहनी अब विधान परिषद सदस्य एमएलसी के रूप में अपनी पार्टी के एकमात्र प्रतिनिधि बचे हैं। सहनी पूर्व में विद्रोही तेवर दिखा चुके हैं। उन्होंने बिहार बीजेपी के नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि शुरू से ही उन्हें तोड़ने की साजिश की जा रही थी। वीआईपी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले तीन विधायक राजू सिंह, मिश्री लाल यादव और स्वर्ण सिंह हैं।



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