पाकिस्तान: सियासी उथल-पुथल पर चीन की बारीक नजर, इमरान ने अमेरिका पर उनकी सरकार को अस्थिर करने का लगाया आरोप

By | April 4, 2022


वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 04 Apr 2022 12:46 AM IST

सार

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक चीन ने सभी राजनीतिक दलों से स्थिरता और विकास के हित में आपस में मिलकर रहने की अपील की है। 

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पाकिस्तान में इमरान खान के जी का जंजाल बने  राजनीतिक घटनाक्रम पर चीन की पैनी नजर है। इस्लामाबाद में राजनीतिक नौटंकी के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने इमरान खान की सिफारिश पर संसद को भंग कर दिया। 

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने आरोप लगाया था कि उनकी सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के पीछे अमेरिका जिम्मेदार है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक चीन ने सभी राजनीतिक दलों से स्थिरता और विकास के हित में आपस में मिलकर रहने की अपील की है। 

हालांकि चीन ने पाकिस्तान पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने 31 मार्च को कहा था कि चीन हमेशा दूसरे देश के आंतरिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांत का पालन करता है। 

चीनी सरकारी समाचार एजेंसी ने एक रिपोर्ट में इमरान खान की इस टिप्पणी पर कहा कि एक विदेशी शक्ति ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से उनकी सरकार को हटाने की साजिश रची और निचले सदन के उपाध्यक्ष ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया क्योंकि राष्ट्र इस तरह की साजिशों को सफल नहीं होने दे सकता।

इमरान खान ने अमेरिकी राजनयिक डोनाल्ड पर उनकी सरकार को अस्थिर करने में शामिल होने का आरोप लगाया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को आरोप लगाया कि वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक डोनाल्ड लू अविश्वास प्रस्ताव के जरिये उनकी सरकार को गिराने की ‘विदेशी साजिश’ में शामिल थे।नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष द्वारा विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद यहां पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं की बैठक को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान भी यह पाया गया था कि अविश्वास प्रस्ताव के जरिये देश की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी विदेश विभाग में दक्षिण एशियाई मामलों को देखने वाले शीर्ष अमेरिकी राजनयिक डोनाल्ड उनकी सरकार गिराने की ‘विदेशी साजिश’ में शामिल थे। वहीं पाकिस्तान के विपक्षी दलों के नेताओं ने खान के आरोप को बेबुनियाद करार दिया जबकि अमेरिका ने आरोपों को खारिज कर दिया।

पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सरकारी संस्थाएं न उठाएं कोई भी असंवैधानिक कदम
पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने रविवार को प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने और खान की सिफारिश पर सदन भंग करने को राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद सभी सरकारी संस्थाओं को कोई भी ‘असंवैधानिक’ कदम उठाने से बचने का आदेश दिया।

पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने कहा कि नेशनल असेंबली को भंग करने के संबंध में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति द्वारा शुरू किए गए सभी आदेश और कदम अदालत के आदेश के अधीन होंगे। न्यायाधीश बंदियाल ने साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई एक दिन के लिए स्थगित कर दी।

प्रधान न्यायाधीश ने जारी किए नोटिस
प्रधान न्यायाधीश बंदियाल ने इस पूरी स्थिति का संज्ञान लिया और तीन सदस्यीय पीठ ने सप्ताहांत के बावजूद प्रारंभिक सुनवाई की तथा राष्ट्रपति अल्वी और नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष सूरी सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए।

अदालत ने सभी पक्षों को कोई भी असंवैधानिक कदम उठाने से बचने का आदेश दिया और मामले की सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी। प्रधान न्यायाधीश बंदियाल ने कहा कि नेशनल असेंबली को भंग करने के संबंध में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति द्वारा शुरू किए गए सभी आदेश और कदम अदालत के आदेश के अधीन होंगे।

विस्तार

पाकिस्तान में इमरान खान के जी का जंजाल बने  राजनीतिक घटनाक्रम पर चीन की पैनी नजर है। इस्लामाबाद में राजनीतिक नौटंकी के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने इमरान खान की सिफारिश पर संसद को भंग कर दिया। 

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने आरोप लगाया था कि उनकी सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के पीछे अमेरिका जिम्मेदार है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक चीन ने सभी राजनीतिक दलों से स्थिरता और विकास के हित में आपस में मिलकर रहने की अपील की है। 

हालांकि चीन ने पाकिस्तान पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने 31 मार्च को कहा था कि चीन हमेशा दूसरे देश के आंतरिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांत का पालन करता है। 

चीनी सरकारी समाचार एजेंसी ने एक रिपोर्ट में इमरान खान की इस टिप्पणी पर कहा कि एक विदेशी शक्ति ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से उनकी सरकार को हटाने की साजिश रची और निचले सदन के उपाध्यक्ष ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया क्योंकि राष्ट्र इस तरह की साजिशों को सफल नहीं होने दे सकता।

इमरान खान ने अमेरिकी राजनयिक डोनाल्ड पर उनकी सरकार को अस्थिर करने में शामिल होने का आरोप लगाया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को आरोप लगाया कि वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक डोनाल्ड लू अविश्वास प्रस्ताव के जरिये उनकी सरकार को गिराने की ‘विदेशी साजिश’ में शामिल थे।नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष द्वारा विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद यहां पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं की बैठक को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान भी यह पाया गया था कि अविश्वास प्रस्ताव के जरिये देश की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी विदेश विभाग में दक्षिण एशियाई मामलों को देखने वाले शीर्ष अमेरिकी राजनयिक डोनाल्ड उनकी सरकार गिराने की ‘विदेशी साजिश’ में शामिल थे। वहीं पाकिस्तान के विपक्षी दलों के नेताओं ने खान के आरोप को बेबुनियाद करार दिया जबकि अमेरिका ने आरोपों को खारिज कर दिया।

पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सरकारी संस्थाएं न उठाएं कोई भी असंवैधानिक कदम

पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने रविवार को प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने और खान की सिफारिश पर सदन भंग करने को राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद सभी सरकारी संस्थाओं को कोई भी ‘असंवैधानिक’ कदम उठाने से बचने का आदेश दिया।

पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने कहा कि नेशनल असेंबली को भंग करने के संबंध में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति द्वारा शुरू किए गए सभी आदेश और कदम अदालत के आदेश के अधीन होंगे। न्यायाधीश बंदियाल ने साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई एक दिन के लिए स्थगित कर दी।

प्रधान न्यायाधीश ने जारी किए नोटिस

प्रधान न्यायाधीश बंदियाल ने इस पूरी स्थिति का संज्ञान लिया और तीन सदस्यीय पीठ ने सप्ताहांत के बावजूद प्रारंभिक सुनवाई की तथा राष्ट्रपति अल्वी और नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष सूरी सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए।

अदालत ने सभी पक्षों को कोई भी असंवैधानिक कदम उठाने से बचने का आदेश दिया और मामले की सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी। प्रधान न्यायाधीश बंदियाल ने कहा कि नेशनल असेंबली को भंग करने के संबंध में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति द्वारा शुरू किए गए सभी आदेश और कदम अदालत के आदेश के अधीन होंगे।



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