नियुक्ति: विनय मोहन क्वात्रा होंगे नए विदेश सचिव, महीने के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे हर्षवर्धन श्रृंगला की लेंगे जगह

By | April 4, 2022


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 04 Apr 2022 05:49 PM IST

सार

विनय मोहन ऐसे वक्त यह अहम जिम्मेदारी संभालेंगे, जब भारत के पड़ोसी देश संकट के गुजर रहे हैं। पाकिस्तान सियासी और श्रीलंका आर्थिक संकट झेल रहा है।

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भारत सरकार ने आईएफएस विनय मोहन क्वात्रा को विदेश सचिव नियुक्त किया है। वह वर्तमान में नेपाल में भारत के दूत के रूप में कार्यरत हैं। फिलहाल विदेश सचिव के पद पर हर्षवर्धन श्रृंगला कार्यरत हैं। विनय मोहन ऐसे वक्त यह अहम जिम्मेदारी संभालेंगे, जब भारत के पड़ोसी देश संकट के गुजर रहे हैं। पाकिस्तान सियासी और श्रीलंका आर्थिक संकट झेल रहा है। इसके अलावा यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक स्तर पर चुनौतियां भी बनी हुई हैं। 

श्रृंगला इस महीने के अंत में विदेश सचिव पद से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। क्वात्रा को विदेश सेवा में 32 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने फ्रांस के राजदूत समेत कई प्रमुख पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। वे वाशिंगटन डीसी, जिनेवा, बीजिंग, दक्षिण अफ्रीका के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं।

नए विदेश सचिव के सामने हाेंगी यह चुनौती
क्वात्रा पर रूस और अमेरिका के भारत के संबंध मजबूत बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ उन पर चीन के साथ भारत के संबंधों को संतुलन रखने साथ भारत के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने का भी जिम्मा होगा। इस बीच रूस मसले पर अमेरिका का दबाव भी क्वात्रा के लिए चुनौती होगा।

विस्तार

भारत सरकार ने आईएफएस विनय मोहन क्वात्रा को विदेश सचिव नियुक्त किया है। वह वर्तमान में नेपाल में भारत के दूत के रूप में कार्यरत हैं। फिलहाल विदेश सचिव के पद पर हर्षवर्धन श्रृंगला कार्यरत हैं। विनय मोहन ऐसे वक्त यह अहम जिम्मेदारी संभालेंगे, जब भारत के पड़ोसी देश संकट के गुजर रहे हैं। पाकिस्तान सियासी और श्रीलंका आर्थिक संकट झेल रहा है। इसके अलावा यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक स्तर पर चुनौतियां भी बनी हुई हैं। 

श्रृंगला इस महीने के अंत में विदेश सचिव पद से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। क्वात्रा को विदेश सेवा में 32 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने फ्रांस के राजदूत समेत कई प्रमुख पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। वे वाशिंगटन डीसी, जिनेवा, बीजिंग, दक्षिण अफ्रीका के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं।

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नए विदेश सचिव के सामने हाेंगी यह चुनौती

क्वात्रा पर रूस और अमेरिका के भारत के संबंध मजबूत बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ उन पर चीन के साथ भारत के संबंधों को संतुलन रखने साथ भारत के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने का भी जिम्मा होगा। इस बीच रूस मसले पर अमेरिका का दबाव भी क्वात्रा के लिए चुनौती होगा।



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