आज का शब्द: रहस्य और रामधारी सिंह दिनकर की कविता पर्वतारोही

By | May 17, 2022


                
                                                             
                            हिंदी हैं हम शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है 'रहस्य' जिसका अर्थ है 1. छिपी हुई बात 2. मर्म। कवि रामधारी सिंह दिनकर ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है।
                                                                     
                            

मैं पर्वतारोही हूँ;
शिखर अभी दूर है
और मेरी साँस फूलने लगी है।

मुड़ कर देखता हूँ
कि मैंने जो निशान बनाए थे,
वे हैं या नहीं।
मैंने जो बीज गिराए थे,
उनका क्या हुआ?

किसान बीजों को मिट्टी में गाड़ कर
घर जा कर सुख से सोता है,
इस आशा में
कि वे उगेंगे
और पौधे लहराएंगे ।
उनमें जब दानें भरेंगे,
पक्षी उत्सव मनाने को आएंगे।

लेकिन कवि की किस्मत
इतनी अच्छी नहीं होती।
वह अपने भविष्य को
आप नहीं पहचानता।

हृदय के दाने तो उसने
बिखेर दिए हैं,
मगर फसल उगेगी या नहीं
यह रहस्य वह नहीं जानता। 

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