आज का शब्द: अलस और धर्मवीर भारती की कविता- जब तुम हो जाती हो उदास !

By | April 6, 2022


                
                                                             
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- अलस, जिसका अर्थ है- अलसाया हुआ या आलस से भरा हुआ, थका हुआ, क्लांत। प्रस्तुत है धर्मवीर भारती की कविता- जब तुम हो जाती हो उदास !
                                                                     
                            

तुम कितनी सुंदर लगती हो, जब तुम हो जाती हो उदास! 
ज्यों किसी गुलाबी दुनिया में, सूने खंडहर के आस-पास 
मदभरी चाँदनी जगती हो! 

मुँह पर ढक लेती हो आँचल, 
ज्यों डूब रहे रवि पर बादल। 

या दिन भर उड़ कर थकी किरन, 
सो जाती हो पाँखें समेट, आँचल में अलस उदासी बन; 

दो भूले-भटके सांध्य विहग 
पुतली में कर लेते निवास। 
तुम कितनी सुंदर लगती हो, जब तुम हो जाती हो उदास !

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