असम: गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को एक दिन की न्यायिक हिरासत, कल होगी जमानत अर्जी पर सुनवाई

By | April 24, 2022


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 24 Apr 2022 10:30 PM IST

सार

कोकराझार की कोर्ट ने गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब सोमवार को उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी। असम पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

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कोकराझार की कोर्ट ने गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब सोमवार को उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी। असम पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। इससे पहले गुजरात के कांग्रेस विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी को असम पुलिस ने पालनपुर सर्किट हाउस से बुधवार रात करीब 11:30 बजे गिरफ्तार कर लिया था। जहां से उन्हें असम ले जाया गया। पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ ट्ववीट में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर मेवाणी के खिलाफ असम पुलिस ने केस दर्ज किया था।

जानकारी के मुताबिक, मेवाणी को सड़क मार्ग से अहमदाबाद ले जाया गया, वहां से उन्हें ट्रेन से असम के गुवाहाटी लाया गया और फिर सड़क मार्ग से कोकराझार ले जाया गया था। वह वड़गाम से कांग्रेस विधायक हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में दावा किया था, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो कि गोडसे को गॉड मानते हैं, उन्हें गुजरात में सांप्रदायिक संघर्ष के खिलाफ शांति व सौहार्द की अपील करना चाहिए।’

उक्त ट्वीट को लेकर मेवाणी के खिलाफ भादंवि की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 153 (A) (दो समुदायों के खिलाफ शत्रुता बढ़ाना), 295(A) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से भड़काने वाली बातें कहना) तथा आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था।

विस्तार

कोकराझार की कोर्ट ने गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब सोमवार को उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी। असम पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। इससे पहले गुजरात के कांग्रेस विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी को असम पुलिस ने पालनपुर सर्किट हाउस से बुधवार रात करीब 11:30 बजे गिरफ्तार कर लिया था। जहां से उन्हें असम ले जाया गया। पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ ट्ववीट में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर मेवाणी के खिलाफ असम पुलिस ने केस दर्ज किया था।

जानकारी के मुताबिक, मेवाणी को सड़क मार्ग से अहमदाबाद ले जाया गया, वहां से उन्हें ट्रेन से असम के गुवाहाटी लाया गया और फिर सड़क मार्ग से कोकराझार ले जाया गया था। वह वड़गाम से कांग्रेस विधायक हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में दावा किया था, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो कि गोडसे को गॉड मानते हैं, उन्हें गुजरात में सांप्रदायिक संघर्ष के खिलाफ शांति व सौहार्द की अपील करना चाहिए।’

उक्त ट्वीट को लेकर मेवाणी के खिलाफ भादंवि की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 153 (A) (दो समुदायों के खिलाफ शत्रुता बढ़ाना), 295(A) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से भड़काने वाली बातें कहना) तथा आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था।



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